Web
Analytics
दिल्ली के कुत्ते ! | Aapki Chopal

दिल्ली के कुत्ते !

देश का दिल कहे जाने वाली दिल्ली में रोजाना हो रहे महिलाओं के प्रति अपराधों से नेताओं के साथ साथ फ़िल्मी जगत भी आया चिंतित नजर। भारत सरकार में केन्द्रीय मंत्री चौ वीरेंद्र सिंह के साथ साथ फिल्म अभिनेत्री और पूर्व मिस  इंडिया ईशा गुप्ता ने दिल्ली में महिलाओं पर हो रहे एक के बाद एक अपराधों पर खड़े किये सवाल। दिल्ली के बिगड़ैल लड़कों की प्रवृति को बताया कुत्ते जैसा। दिल्ली के कुत्ते रात ही नहीं दिन में भी करते हैं लड़कियों का पीछा ! कहा कि दिल्ली में नहीं कोई भी लड़की सुरक्षित , अपनी सोच सुधारे दिल्ली। फैशनेबल लड़कियों पर उकसाने का इल्जाम लगाना आसान मगर जब 3 साल की बच्ची से होता है रेप तब किसने उकसाया। दिल्ली में इन अपराधों की सजा का होना चाहिए खौफ। सरकार भी बढ़ाये बिजली व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे। लड़कों को दी जाये महिलाओं की इज्जत करने की शिक्षा , घरों से हो सबसे पहले शरुवात। दिल्ली की लड़कियां न समझें खुद को कमजोर, बुलंद आवाज में करें अन्याय और बतमीजी का विरोध।
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर फ़िल्मी सितारे भी सवाल खड़े करने लग गए हैं।  दिल्ली में रहकर कानून की पढ़ाई करके फिल्मी जगत में धमाल मचाने वाली ईशा गुप्ता ने दिल्ली के बिगड़ैल नागरिकों  की मानसिकता पर सवाल खड़े किये हैं। मिस इंडिया रही बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि रात ही नहीं बल्कि दिन में भी दिल्ली में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली में कुत्ते जैसी मानसिकता वाले लोग जहाँ देखो लड़कियों का पीछा करते नजर आते हैं।  उन्होंने कहा की लड़कियों पर भावनाएं भड़काने का आरोप लगाना बहुत आसान है मगर जब किसी तीन साल की छोटी बच्ची के साथ रेप होता है , या बुर्का पहने कोई महिला दुष्कर्म का शिकार बनती है तब ये भावनाएं भड़काने का इल्जाम वो किस पर लगाएंगे।
मोदी सरकार में केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौ वीरेंद्र सिंह ने भी इस विषय पर सरकार के साथ साथ पारिवारिक माहोल को भी कटघरे में खड़ा किया ! उनका मानना है की यह समस्या सिर्फ दिल्ली की नही है अपितु पूरे देश से रोजाना कोई न कोई ऐसी खबर दिल को दहला कर रख देती है ! मंत्री जी के अनुसार नेतिक शिक्षा के साथ पारिवारिक माहोल से भी इनको कंट्रोल किया जा सकता है ! मिस इंडिया रही बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में घरों से लेकर बाहर तक कहीं भी लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।  दिल्ली सरकार को भी नसीहत देते हुए अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जहाँ स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी की कमी बहुत खलती है , सरकार को चाहिए कि ऐसे इलाकों की पहचान करके तुरंत वहां इन सबकी व्यवस्था करवाई जाये। दिल्ली में बचपन से ही लड़कों को महिलाओं की इज्जत करना सिखाना चाहिए और इसकी शुरुवात सबसे पहले वो अपने घर से ही करें।  कानून के लचीलेपन पर भी सवाल उठाते हुए ईशा ने कहा की अपराधियों में कानून का डर होना चाहिए , ताकि किसी अपराध को अंजाम देने से पहले वो सौ बार अपने अंजाम के बारे में सोचें।
फिल्म अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने दिल्ली की लड़कियों को भी अपने प्रति हो रहे किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।  उनका मानना है की हम सबकी चुप्पी अपराधियों के होसलें बुलंद करती है।  अगर हम अपना विरोध जोरदार आवाज में उठाएंगे तो कोई भी अपराधी किसी अपराध को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचेगा।  किसी गलत हरकत का शुरू में ही विरोध करने से और उसके खिलाफ बुलंद आवाज उठाने से अपराधियों के होंसले पस्त होते नजर आएंगे !
देश का दिल दिल्ली इन अपराधों की वजह से जब भी चर्चा में आता है तो हर दिल्लीवासी शर्मिंदगी महसूस करता है। अगर सब दिल्लीवासी जागरूक हो जाएँ और किसी अपराध को देख आवाज उठानी शुरू कर देंगे तो दिल्ली में किसी को भी डर नहीं लगेगा। बचपन से ही अगर हम अपने बच्चों को महिलाओं के प्रति इज्जत करने के संस्कार देंगे तो हम सबके सपनों की दिल्ली साकार रूप में हमारे सामने होगी।

COMMENTS

error: Content is protected !!