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किसान की बर्बादी का जिम्मेदार कौन ? | Aapki Chopal

किसान की बर्बादी का जिम्मेदार कौन ?

दिल्ली के नरेला में एशिया की सबसे बड़ी अनाज मण्डी में एक दिन की बारिश से भीगा करोड़ो रूपये का अनाज , दिल्ली की AAP सरकार ने नही किया कोई इंतजाम ..एक तरफ देश में लोग भूख से मर रहे है वही दूसरी तरफ हजारो क्विंटल अनाज मण्डी में भीग रहा हैं ,यह मण्डी एशिया की बड़ी मंडियो में से एक है यहां UP , हरियाणा , पंजाब और राजस्थान से किसान फसल लेकर आते है । यहां हर रोज हजारो क्विंटल का कारोबार होता है , यहां दस हजार से ज्यादा मजदूर हैं जो बोरियां ढोने और बोरियां में अनाज से भरने का काम करते है! दिन रात खुले आसमान के नीचे यह अनाज यूही पड़ा रहता हैं फिर चाहे बारिश हो ,तूफान हो, धुप हो या फिर छाया ,भीगे हुए अनाज में फंगस लगने और अंकुर निकलने की आशंका बढ़ जाती है, हजारों क्विंटल से जायदा अनाज इस मंडी में हैं, दूसरे राज्यो के किसान यहां अनाज लेकर आते हैं ,इस तरह अनाज भीगने से यहां किसान और आढ़तियों की आधे से ज्यादा अनाज की फसल बर्बाद हो जाती हैं ,करोड़ो के टैक्स के बाद भी इस मंडी सुविधाओ का बड़ा अभाव है, यह पहली बार नहीं हुआ हर बार चाहे मानसून का मौसम हो या फिर बे-मौसम बरसात हर बार यही हाल रहता हैं ,किसानों का कहना हैं कि साल की पहली बारिश हुई हैं ,बारिश होने से अनाज भीग गया हैं ,अनाज नीचे से भीगने से जल्दी ख़राब हो जाता हैं और हमें समय से तिरपाल भी नहीं मिलती पाती हैं , पहले किसानो को दिल्ली में AAP सरकार से आशा थी की कुछ सुधार होगा पर इस सरकार में भी वही बदहाली नज़र आ रही हैं जो पिछली सर्कार में भी थी ! मण्डी में अनाज की एसी सैकड़ो ढेरी है और हर ढेरी में नुकशान है .. युपी , हरियाणा ,राजस्थान और पंजाब के किसानो का अनाज भीग गया और इसी तरह किसान तबाही के कगार पर आ जाते हैं , आधे से ज्यादा अनाज गल सड़कर खराब हो जाता हैं ,अब ये किसान मायुश है क्योकि अगर अनाज ख़राब हो तो उन्हें सही दाम नहीं मिलेगा! पिछले साल दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने इस मंडी में शेड उद्धघाटन किया था लेकिन वो शेड का भी अभी तक कोई पता नहीं हैं इस अनाज को बारिश से बचाने के लिए कोई सेड व् तिरपाल की व्यवस्था भी मण्डी की तरफ से नही होती जबकि ये अनाज मण्डी दिल्ली की अनाज मण्डियों में सबसे ज्यादा टेक्स का पैसा दिल्ली सरकार को देती है पर सुविधाओ के नाम पर कुछ नही, बारिस आने पर खुद मजदूरो व् किसानो के लिए अनाज तो दूर खुद अपने सिर छिपाने तक की जगह नहीं, इसकी मांग आढ़ती और नरेला की सस्थाए कई सालो से उठाती आ रही है! अब ये विडबना है की किसान अन्न पैदा कर रहे है पर सरकारे रख रखाव नहीं कर पा रही है और नरेला अनाज मण्डी में देश की राजधानी में अनाज सड़ने के कागार पर हैं तो दूर दराज का क्या हाल होगा, दिल्ली में सरकार बदली पर किसानो की बदहाली नही बदली! स्पेशल डेस्क आपकी चौपाल न्यूज़, नरेला, दिल्ली

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