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सर्वसम्मति से शी जिनपिंग दोबारा बने चीन के राष्ट्रपति | Aapki Chopal

सर्वसम्मति से शी जिनपिंग दोबारा बने चीन के राष्ट्रपति

सर्वसम्मति से शी जिनपिंग दोबारा बने चीन के राष्ट्रपति

 

चीन में राष्ट्रपति पद के लिए शी जिनपिंग को दोबारा निर्वाचित किया गया है, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस  ने शनिवार को राष्ट्रपति के रूप में जिनपिंग के अगले कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी,  जिनपिंग के आजीवन राष्ट्रपति पद पर बने रहने को मंजूरी संसद से पहले ही मिल चुकी है, चीन की संसद ने कुछ दिन पहले ही शी के कार्यकाल पर लगी 2023 तक की समय सीमा को खत्म करते हुए उनके आजीवन राष्ट्रपति बने रहने पर मुहर लगाई थी,  शी जिनपिंग को चीन के ताकतवर केंद्रीय सैन्य आयोग का प्रमुख भी चुना गया, जिसके अंतर्गत चीन की सेना आती है, 11 मार्च को एनपीसी के 2900 से अधिक सांसदों ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के दो कार्यकाल की समय सीमा खत्म करने के मकसद से सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी  की तरफ से प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के लिए मतदान किया था!

शी साल 2013 में चीन के राष्ट्रपति बने थे, उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग का अध्यक्ष भी दोबारा निर्वाचित किया गया, शी की तरह ही वांग की नियुक्ति भी हैरान कर देने वाली नहीं रही,  वांग(69) को शी का काफी भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है और उन्होंने देश में भ्रष्टाचार रोधी अभियान की अगुवाई की है, पिछले वर्ष, वांग को कम्युनिस्ट पार्टी के सात सदस्यीय स्थायी समिति से बाहर होना पड़ा था क्योंकि इस समिति में बने रहने की अधिकतम आयुसीमा 68 वर्ष ही है, इसके बावजूद उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद देश में उनके प्रभाव में कोई कमी नहीं आएगी, इसके अलावा ली झांशु एनपीसी के चेयरपर्सन चुने गए, ली स्थायी समिति के सदस्य हैं और शी के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं, उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी में शी के प्रभाव को बढ़ाने में मदद की है, चीनी संसद में वार्षिक सत्र चल रहा है और इस दौरान संसद में बेहतर कार्य के लिए मंत्रिमंडल में बदलाव की योजना के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया!

करीब तीन हजार सदस्यों वाली संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ में संविधान संशोधन प्रस्ताव को पेश किया गया, कुल 2,964 सदस्यों में से केवल दो ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया जबकि तीन सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे, गौरतलब है कि ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ को अक्सर रबर स्टांप संसद भी कहा जाता है, इस संवैधानिक बदलाव के साथ ही 64 वर्षीय शी जिनपिंग का आजीवन चीनी राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ हो गया है,  अभी उनका दूसरा कार्यकाल चल रहा है जो 2023 में समाप्त होगा!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़!

 

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