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राशन माफिया को बचा रहे हैं उपराज्यपाल- केजरीवाल | Aapki Chopal

राशन माफिया को बचा रहे हैं उपराज्यपाल- केजरीवाल

राशन माफिया को बचा रहे हैं उपराज्यपाल- केजरीवाल

 

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में पाई गईं गड़बडिय़ों के लिए दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, इसके साथ ही उन्होंने सोशल वेलफेयर स्कीमों में सीएजी की टिप्पणी के हवाले से एलजी की ओर इशारा करते हुए कहा कि दिल्ली में आज राशन माफिया पूरी तरह हावी है और रिपोर्ट से सबक लेते हुए राशन की होम डिलीवरी के प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना चाहिए, सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने रिपोर्ट से जुड़े 50 मामलों को सीबीआई जांच के हवाले करने का फैसला किया है, सीएजी की ओर से वित्त वर्ष 2016-17 के लिए दिल्ली के वित्त, राजस्व, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों पर जारी तीन रिपोर्टों के विधानसभा में पेश होने के बाद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, ‘सीएजी द्वारा बताए गए भ्रष्टाचार और अनियमितता के हर मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा!’

विभिन्न खामियों के संबंध में कैग की रिपोर्ट के अंश का हवाला देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘जब वह लोगों के घरों तक राशन आपूर्ति को खारिज करते हैं तो यह वही है जिसे उपराज्यपाल बचाने की कोशिश करते हैं, पूरी राशन प्रणाली माफिया की जकड़ में है जिसे राजनीतिक मास्टरों का संरक्षण प्राप्त है,’ इससे पहले रिपोर्ट के एक हिस्से की फोटो पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने एलजी को आड़े हाथों लिया और कहा, दिल्ली में पूरा राशन सिस्टम माफिया की चपेट में है, यही वो चीज है, जिसे एलजी डोरस्टेप डिलीवरी को खारिज कर बचाना चाहते हैं, डोरस्टेप डिलीवरी इस माफिया को खत्म कर सकती थी, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में एफसीआई के गोदामों से वितरण केंद्र तक कई अनियमिताओं का जिक्र किया है, सरकार को सबसे ज्यादा यह बात चुभ रही है कि उसके वोटबैंक वाले तबकों खासकर एससी/एसटी और पिछड़ों से जुड़ी सोशल वेलफेयर स्कीमों, पेंशन स्कीम और कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी बदलाव किए गए है, सबसे ज्यादा चौंकाने वाले तथ्य के तौर पर यह सामने आया है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिल्ली में अब तक एक भी शौचालय नहीं बना है, सीएजी की रिपोर्ट में डीटीसी में प्रबंधन की कमी और लापरवाही के चलते राजस्व को करीब पौने तीन करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई है, नगर निगमों के कामकाज पर भी सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि सडक़ों के निर्माण में ठेकेदारों की लापरवाही और नजरअंदाजी के चलते काम नहीं हुए, रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में उपकरणों और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी की बात भी कही गई है!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़, दिल्ली! 

 

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