Web
Analytics
नरेला में बैसाखी की धूम | Aapki Chopal

नरेला में बैसाखी की धूम

 

 

बैसाखी पर्व का बड़ा महत्‍व है, पुरे भारत वर्ष में इस पर्व की धूम देखने को मिलती हैं, खासकर  पंजाब, हरियाणा और आसपास के प्रदेशों का यह प्रमुख त्‍योहार है, इस दौरान रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है, फसल काटने के बाद किसान नए साल का जश्‍न मनाते हैं, यही नहीं बैसाखी के दिन ही 1969 में सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्‍थापना की थी, बैसाखी सिखों के नए साल का पहला दिन है,  इसके अलावा बैसाखी के दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है इसलिए भी इसे त्‍योहार के रूप में मनाया जाता है, अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हर साल 13-14 अप्रैल को  बैसाखी मनाई जाती है!

 
दिल्ली के नरेला में भी बैसाखी की धूम देखने को मिली ,नरेला के गुरूद्वारे में सिख समुदाय द्वारा बैसाखी का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया, इस दौरान गुरूद्वारे में गुरबानी और भारी मात्रा में लंगर का भी आयोजन किया गया,महिलाओं ,बड़े-बुजर्गों और बच्चों ने भी इस उत्सव में बढ़ चढ़ कर भाग लिया, बैसाखी मनाने का उद्देश्य समाज को एक कर उनमें एकाग्रता की भावना का विकास करना है, जिससे समाज में व्याप्त अनैतिकता का बहिष्कार कर नैतिकता का आचरण किया जा सके !  
 
स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़, नरेला, दिल्ली! 

COMMENTS

error: Content is protected !!