लालटेन पर खतरा,राबडी और तेजस्वी यादव पर चार्टशीट दायर

लालटेन पर खतरा,राबडी और तेजस्वी यादव पर चार्टशीट दायर

 

 

चुनाव आयोग ने वर्ष 2014-15 का हिसाब-किताब न देने पर राष्ट्रीय जनता दल(राजद) को नोटिस जारी किया है, साथ ही 20 दिनों के भीतर इसका जवाब देने को कहा है, आयोग ने कहा कि जवाब न मिलने पर पार्टी का चुनाव चिह्न रद्द किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शानुसार प्रत्येक पार्टी को हर वित्तीय वर्ष के अगले साल 31 अक्टूबर तक वार्षिक लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पेश करनी होती है लेकिन राजद ने 31 अक्टूबर 2015 तक वर्ष 2014-15 के लिए अपनी रिपोर्ट नहीं पेश की!

आयोग ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि आयोग ने राजद को अब तक आठ बार यानी 10 नवम्बर 2015, 20 जनवरी 2016, 26 फरवरी 2016, 25 मई 2016, पांच अक्टूबर 2016, दो जून  2017, 12 जनवरी 2018 और 13 मार्च 2018 को  स्मरणपत्र जारी करके  हिसाब-किताब देने को कहा। लेकिन पार्टी ने रिपोर्ट नहीं पेश की, इसलिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि चुनाव चिह्न आदेश 1968 के परा 16 ए के तहत क्यों न कार्रवाई की जाए, आयोग ने कहा है कि नोटिस मिलने के 20 दिनों के भीतर पार्टी अपनी लेखा रिपोर्ट पेश करे अन्यथा आयोग अब बिना कोई सूचना दिए पार्टी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है! 

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आईआरसीटीसी मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव व अन्य के खिलाफ सोमवार को  आरोप पत्र दाखिल किया, यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटलों का प्रबंधन ठेका एक निजी कंपनियों को देने में कथित भ्रष्टाचार का है, ब्यूरो द्वारा की एक अदालत में दाखिल इस आरोप पत्र में नामित 14 लोगों में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री व लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी , उनके बेटे तेजस्वी का भी नाम है, सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने इस मामले में सिलसिले में हाल ही में राबड़ी देवी से पूछताछ की थी!

मामले के अनुसार रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित दो होटलों (रांची व पुरी) का ठेका सुजाता होटल्स को दिया। आरोप है कि इन होटलों के ठेके देने के बदले में एक बेनामी कंपनी के जरिए पटना में तीन एकड़ का भूखंड लिया गया। सुजाता होटल्स विनय व विजय कोचर की कंपनी है, आरोप है कि राजद नेता लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कोचर को अवांछित फायदा दिया, इसके लिए डिलाइट मा​र्केटिंग कंपन के जरिए अच्छी खासी कीमत का एक भूखंड लिया गया, इसके अनुसार सुजाता होटल्स को ठेका मिलने के बाद 2010 से 14 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरना गुप्ता से राबड़ी देवी व तेजस्वी यादव के पक्ष में हो गया, उस समय तक लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके थे

 

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