देवीस्थान में भंडारे के बीच कैसे कैद रही बच्ची

देवीस्थान में भंडारे के बीच कैसे कैद रही बच्ची

 

 

कठुआ की आठ साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या को लेकर जब पूरा देश स्तब्ध है तब रसाना गांव के लोग एसआइटी जांच पर सवाल दर सवाल उठाने में लगे हुए हैं, जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि उसकी चार्जशीट पुख्ता है और हत्या से पहले बच्ची को रसाना गांव के ही देवीस्थान में कैद रखा गया था, लेकिन रसाना के शामलाल का कहना है कि उन्होंने खुद 13 जनवरी की सुबह पूरे देवीस्थान को साफ किया था और 14 जनवरी को वहां भंडारा भी हुआ था, ज्ञात हो कि एसआइटी ने अपनी रपट में कहा है कि बच्ची को इसी देवीस्थान में 10 से 17 जनवरी तक कैद रखा गया, जम्मू में नौकरी करने वाले शामलाल का कहना है कि वे जब भी गांव में होते हैं, हर रविवार देवीस्थान की सफाई करते हैं,  यह सिलसिला लगभग 18 सालों से जारी है, लेकिन 13 जनवरी को लोहड़ी के कारण शनिवार को ही मैंने सफाई की थी, इस दौरान एक कमरे वालेे देवीस्थान में झाड़ू लगाई और कुलदेवी के चबूतरे को धोया भी, शाम को गांव के कई परिवारों ने वहां जोत भी जलाई थी, यही नहीं अगले दिन रविवार यानी मकर संक्राति के दिन देवीस्थान पर भंडारा हुआ था, जिसमें लगभग सौ लोगों ने खाना खाया था, उनका सवाल है कि यह कैसे कहा जा रहा है कि देवीस्थान में लड़की को बेहोशी की हालत में कैद कर रखा गया था? अभी तक इस मामले में चुप रहने के बारे में पूछे जाने पर शामलाल ने कहा कि उनसे एसआइटी ने कभी इस बारे में पूछताछ ही नहीं की!

दैनिक जागरण ने जब शामलाल से जानना चाहा कि दुष्कर्म की जांच पिछले चार महीने से चल रही है, लेकिन उन्होंने कभी यह बात किसी को क्यों नहीं बताई तो उनका कहना था, ”देवीस्थान में दुष्कर्म की बात पहली बार एसआइटी की चार्जशीट में सामने आई, इसके पहले गौशाला में बच्ची को रखे जाने और दुष्कर्म की बात की जा रही थी, इसीलिए मैं चुप था,“ शामलाल देवीस्थान के दरवाजे की चाभी सिर्फ आरोपी सांझी राम के घर पर होने के एसआइटी के दावे को भी खारिज करते हैं, उनका कहना है कि यह देवीस्थान कई गांवों के लोगों का सामूहिक कुलदेवी स्थान है, यही कारण है कि इस में तीन दरवाजे हैं, उनके अनुसार, ”देवीस्थान के तीन दरवाजों की अलग-अलग ताला-चाभी है, जो तीनों गांवों के लोगों के पास होती है, केवल रसाना गांव के दरवाजे की चाभी ही आरोपी सांझी राम के पास थी,“ शामलाल ने कहा कि बच्ची की हत्या करने वाले को फांसी की सजा होनी चाहिए, चाहे आरोपी कोई भी हो, लेकिन यह कहना सरासर गलत है कि बच्ची को देवीस्थान के भीतर रखा गया, शाम लाल का कहना है कि हम सच्चाई सामने लाने के लिए ही सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं!

रसाना में आठ साल की बच्ची 10 जनवरी को गुम हो गई थी और 17 जनवरी को उसकी लाश मिली थी, एसआइटी ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि इस दौरान बच्ची को नशे की दवा खिलाकर बेहोशी की हालत में देवीस्थान के भीतर छुपाकर रखा गया था और देवीस्थान की बड़ी खिड़कियों से किसी को वह नजर न आए, इसलिए बच्ची के ऊपर दरी डाल दी जाती थी!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़!

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