CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को किया खारिज

CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को किया खारिज

 

 

 

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव  के नोटिस को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया, इस संबंध में राज्यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कुछ संविधान विशेषज्ञों से चर्चा व सलाह मशविरा के बाद ये निर्णय लिया, राजनीतिक दलों की अोर से इस बारे में नोटिस मिलने के बाद नायडू 4 दिन की छुट्टी पर आंध्र गए थे, लेकिन मामला गंभीर होते देख वह रविवार को ही दिल्ली लौट आए थे, सोमवार को उपराष्ट्रपति ने इस बारे में फैसला किया, इस फैसले से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग की मुहिम चलाने वाली कांग्रेस को करारा झटका लगा है, कांग्रेस के नेतृत्व में सात दलों में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति को दिया था, यह एक अभूतपूर्व कदम था, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ कभी भी महाभियोग का प्रस्ताव नहीं आया था!

इससे पहले रविवार की शाम उपराष्ट्रपति ने लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पीके मलहोत्रा, पूर्व विधायी सचिव संजय सिंह व राज्यसभा सचिवालय के अधिकारी से चर्चा की थी, बताते हैं कि देर शाम सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी से भी उनकी मुलाकात हुई, गौरतलब है कि विपक्ष की ओर से कांग्रेस ने रविवार को प्रेसवार्ता कर जहां भाजपा पर निशाना साधा था कि वह इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है, वहीं सभापति से आशा जताई थी कि जल्द फैसला होगा, सूत्रों के अनुसार यूं तो वेंकैया मीडिया में जाने के विपक्ष के आचरण से नाराज थे लेकिन महाभियोग नोटिस की गंभीरता का ध्यान रखते हुए अपना बाहर का दौरा छोटा किया और दिल्ली पहुंच गए!

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग के नोटिस के बाद कांग्रेस ने अब उन्हें फैसला आने तक काम-काज से खुद ही हटने की सलाह दी थी, कांग्रेस ने कहा कि न्यायपालिका पर लोगों के भरोसे को कायम रखने के लिए उन्हें ऐसा करना चाहिए, कांग्रेस ने इस मुद्दे को उस समय उछाला है, जब उनके खिलाफ महाभियोग नोटिस के नियमों के उल्लंघन का सवाल उठाया था, बताते हैं कि खुद उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने इसे मीडिया में उछाले जाने पर नाराजगी जताई थी,सभापति के नोटिस अस्वीकार करने के आदेश को कांग्रेस यदि सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देती हैं तो उस पर सुनवाई करने वाली पीठ सीजेआई ही तय करेंगे क्योंकि चीफ जस्टिस ही मास्टर आफ रोस्टर होते हैं!

स्पेशल डेस्क, आपकी चौपाल न्यूज़! 

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