आसाराम पर फैसले से पहले दुष्कर्म पीड़िता के घर की किलेबंदी

आसाराम पर फैसले से पहले दुष्कर्म पीड़िता के घर की किलेबंदी

 

 

आसाराम के 25 अप्रैल के संभावित फैसले को लेकर प्रशासन ने पीड़िता के घर की किलेबंदी कर दी है, एसपी सिटी, सीओ, आरआइ ने निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया, एसपी ने आसाराम के रुद्रपुर आश्रम से लेकर शहर में अलर्ट के साथ ही आसाराम के भक्तों की गतिविधियों पर खुफिया टीमें लगा दी हैं, प्रशासन ने यह कदम राम रहीम को सजा के बाद उसके समर्थकों के दुस्साहसपूर्ण व्यवहार के सबक के तौर पर उठाया है, एसपी केबी सिंह ने 25 अप्रैल को दुष्कर्म प्रकरण में फैसला आने की बात पीड़िता के पिता से भी बात की, सोमवार को तीन अफसरों को सुरक्षा ड्यूटी में लगा दिया, पुलिस लाइन्स से एक अतिरिक्त गनर भेजा गया है, अब पीड़िता के घर एक दारोगा और पांच सिपाही की स्थाई तैनाती कर दी गई है,  बाहर 100 नंबर की गाड़ी समेत पुलिस चौकी को भी अलर्ट रहने को कहा गया है!

अपर पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी, सीओ सुमित शुक्ला ने सोमवार को पीड़िता से भेंटकर आसाराम के अनुयायियों का ब्योरा जुटाया, खासकर उन लोगों को चिह्नित किया जो दुष्कर्म प्रकरण के बाद आसाराम की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते रहे, दरअसल, गवाह कृपाल सिंह के मर्डर समेत दो बड़ी घटनाओं के दौरान आसाराम के भक्तों के यहां बाहरी लोगों का आना जाना बढ़ गया था, थाना आरसी मिशन क्षेत्र में आने वाले आसाराम के रुद्रपुर आश्रम पर भी पुलिस प्रशासन की पैनी नजर है, रुद्रपुर आश्रम ही वह स्थान है, जहां 15 अगस्त 2013 को दुष्कर्म की घटना की एफआइआर दर्ज होने के बाद आसाराम के मानस पुत्र सुरेशानंद ने सत्संग के जरिये डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया था, इसके बाद यहां लंबे समय तक देश भर के भक्तों का जमावड़ा रहा!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़! 

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