कर्नाटक चुनाव के  225 सीटों पर केवल 26 महिला को टिकट

कर्नाटक चुनाव के 225 सीटों पर केवल 26 महिला को टिकट

 

 

 

 

आने वाली 12 मई को कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान होगा और 15 मई को ये तय हो जाएगा कि अगले 5 साल के लिए सत्ता की बागडोर किसके हाथों में होगी, 2019 लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र कर्नाटक चुनाव के नतीजे कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए ही काफी अहम है, हालांकि दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की लिस्ट देखें तो पता चलता है कि कर्नाटक की ‘आधी आबादी’ राजनीती में हिस्सेदारी पर कोई गंभीर नहीं है, चुनाव आयोग के मुताबिक कर्नाटक के कुल 4.96 करोड़ वोटर्स में से करीब 2.44 करोड़ महिलाएं हैं, ये वोट देने वाली आबादी का 49% है, हालांकि दोनों बड़ी पार्टियों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करें तो कांग्रेस ने सिर्फ 16 जबकि बीजेपी ने 6 और जेडीएस ने सिर्फ 4 (126 सीटों पर) महिलाओं को ही टिकट दिया है,  कांग्रेस ने टिकट के मामले में 49% वोटर्स को 7% प्रतिनिधित्व के लायक समझा है जबकि बीजेपी और जेडीएस के मामले में तो ये हालत और भी खराब है,  कर्नाटक में बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष भारती शेट्टी भी मानती हैं कि महिला वोटर्स की बढ़ती संख्या देखते हुए पार्टियों को प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान देना चाहिए!

कर्नाटक के कुल 30 जिलों में से पांच ऐसे भी हैं जहां महिला वोटर्स की संख्या पुरुष वोटर्स के मुकाबले ज्यादा है, रायचूर, उडुपी, रामनगर, दक्षिण कन्नडा और कोडागु में महिला वोटर्स ज्यादा हैं,  चुनाव आयोग के मुताबिक मैसूर इलाके में तो महिला वोटर्स की संख्या 50% से भी ज्यादा है लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस या बीजेपी किसी ने भी महिलाओं को टिकट देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है, साल 2013 के विधानसभा चुनावों पर नज़र डालें तो मालूम चलता है कि यही वो साल था जब कर्नाटक के चुनाव इतिहास में सबसे ज्यादा महिलाओं ने इलेक्शन लड़ा,  हालांकि कुल 2,945 उम्मीदवारों में से इनकी संख्या महज 175 रही और ये सिर्फ 6% के आस-पास थी,  ये और चौंकाने की बात है कि सिर्फ 6 महिलाएं ही चुनाव जीतने में कामयाब हो पायीं, कर्नाटक विधानसभा में साल 1962 के चुनावों में सबसे ज्यादा 18 महिलाऐं चुनकर आयीं थीं, इससे पहले डबल फिगर में महिलाओं की संख्या 1957 में 13 और 1994 में 10 महिलाएं चुने जाने पर ही थी, पिछले तीन लोकसभा चुनावों पर भी नज़र डालें तो साल 2004 में 2, 2009 में एक और 2014 में सिर्फ एक महिला चुनकर लोकसभा तक पहुंच सकी थी!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़! 

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