एक्टिविस्ट ने स्कूलों में प्लास्टिक के किताबो के कवर और कैरी बैग को कराया बैन

दिल्ली के सभी स्कूलों में प्लास्टिक के किताबो के कवर और कैरी बैग जैसे दूसरे सभी सामानों को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने प्रतिबंध किया, सभी स्कूलों को इन नियमों का पालन करना होगा,  पर्यावरण के नजरिए से इस मामले को लेकर कई संगठनों की शिकायतें आ रही थी मुख्य रूप से दिल्ली के शुभम खत्री ने इस मुद्दे को लेकर एनजीटी , भारत सरकार ,  दिल्ली सरकार ,  दिल्ली के मुख्यमंत्री ,  पर्यावरण विभाग से गुहार लगाई थी कि प्लास्टिक काफी हानिकारक है और प्लास्टिक बैन के बाद भी स्कूलों में मासूम बच्चे धड़ल्ले से इस प्लास्टिक का यूज करने को मजबूर है, 10 महीने से लगातार शिकायतों के बाद अब सरकार ने स्कूलों में प्लास्टिक के सामान पर प्रतिबंध लगाया!
प्लास्टिक का प्रयोग बेहद ही खतरनाक है अधिकतर प्रशिक्षणों में यह बात सामने आ चुकी है कि प्लास्टिक इंसान को काफी नुकसान पहुंचाता है और यदि बच्चों की बात की जाए तो बच्चों में यह नुकसान का लेवल कई गुना बढ़ जाता है, इस कारण प्लास्टिक को बैन किया गया है, दिल्ली में प्लास्टिक के कैरी बैग भी बैन किए गए हैं लेकिन दिल्ली के स्कूलों में लगातार प्लास्टिक का प्रयोग हो रहा था, यहां तक कि टीचर्स खुद बच्चों को प्लास्टिक की जिल्द किताबो पर चढ़ाने के लिए निर्देश तक देते थे, स्कूल में पढ़ने वाले हजारों बच्चे प्लास्टिक की जिल्द चढ़ाकर किताबें स्कूल में ले जाते हैं और उन किताबों को कभी मुंह से लगाते हैं कभी शरीर के दूसरे अंगों से इस कारण बच्चों को काफी ज्यादा नुकसान होता है, इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के सिंघोला में रहने वाले शुभम खत्री ने आरटीआई लगाई और जानने की कोशिश की कि क्या इस तरह के प्लास्टिक को स्कूल में यूज़ किया जा सकता है या नहीं, तो पता चला कि इस तरह का प्लास्टिक का इस्तेमाल स्कूल में भी नहीं किया जा सकता, इसके बाद शुभम खत्री ने भारत सरकार,  दिल्ली सरकार,  मुख्यमंत्री और एनजीटी को पत्र लिखें और 10 महीने से वह लगातार मुहिम चला कर इसका विरोध कर रहे थे हर जगह दिल्ली सरकार का पत्र शुभम खत्री को मिला है जिसमें दिल्ली सरकार के वन विभाग ने लिखा कि सभी स्कूलों को पत्र भेजकर सूचित कर दिया गया है कि किसी भी तरह के प्लास्टिक का प्रयोग स्कूल में नहीं होगा,  न ही  प्लास्टिक की जिल्द  चढ़ाने का निर्देश स्कूल बच्चों को देंगे किताबें बिना प्लास्टिक  की होगी और कैरी बैग भी प्लास्टिक के नहीं होंगे!
फिलहाल पर्यावरण विभाग ने सभी स्कूलों को  निर्देश दे दिया है लेकिन अब इसका कितना पालन होता है या सिर्फ यह एक खानापूर्ति रहकर सिमट जाता है देखने वाली बात होगी लेकिन जरूरत है कि बच्चों के मामले में स्कूल इसे गंभीरता से लें और सरकार भी गंभीरता से लेते हुए पालन न करने वाले स्कूलों पर कठोर कार्रवाई करें अभी जाकर प्लास्टिक का यह प्रयोग बच सकता है और बच्चों को बीमारियां लगने से बचाया जा सकता है!
स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़,नरेला, दिल्ली!  

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