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बदलेगा कानून, सड़क हादसे के दोषियों को मिलेगी अधिक सजा | Aapki Chopal

बदलेगा कानून, सड़क हादसे के दोषियों को मिलेगी अधिक सजा

बदलेगा कानून, सड़क हादसे के दोषियों को मिलेगी अधिक सजा

 

 

 

 

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सड़क दुर्घटना के दोषी को सख्त सजा देने की बात कही, अफसरों से कहा-ऐसा इंतजाम कीजिए कि सड़क दुर्घटना के दोषी 2 साल में जेल से नहीं छूट जाएं, उनकी सजा की अवधि बढ़े, नीतीश, सड़क सुरक्षा के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट देखने के बाद बुधवार को अफसरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे, उन्होंने कहा-अभी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भी भादवि की धारा 304 (1) के तहत मामले दर्ज होते हैं, यह जमानती धारा है, इसमें अधिकतम 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है, अदालत द्वारा कभी-कभी मात्र दंड के रूप में जुर्माने की राशि अदा करने के बाद दोषी चालक को मुक्त कर दिया जाता है, इस धारा में जरूरी सुधार हो, इस क्रम में ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़े कानून की सिफारिश की है!

मुख्यमंत्री ने कहा-ड्राइविंग लाइसेंस उसे ही मिले, जो वाकई इसके योग्य हैं, ब्लैक स्पॉट (दुर्घटनास्थल) पर हर तरह के सड़क चिह्नों रहें, आबादी वाले क्षेत्रों में रैम्प के साथ ऐसा फुट ओवरब्रिज बने जिसका उपयोग दिव्यांग भी सहूलियत से करें, अंडरपास, फुटपाथ बने, स्कूली पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा का एक अध्याय रहे, स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगे, उन्होंने कहा कि दुर्घटना के एक घंटे के अंदर घायल को चिकित्सा मुहैया कराया जाए, एम्बुलेंस की संख्या बढ़, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सचिवालय में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम 1989 के तहत राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक ली, बैठक में इससे जुड़े अपराध के आंकड़ों की जानकारी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विशेष थाना भवनों का निर्माण, पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति, वाहन उपलब्धता, जिला स्तर पर गठित निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के कार्यकलाप की समीक्षा पर चर्चा हुई!

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को विभिन्न कैटेगरी वाइज विश्लेषण करें, मामलों में क्या कार्रवाई हुई इसेको भी देखा जाए, अगर मामले की चार्जशीट दाखिल की गई है तो कोर्ट से कार्रवाई जल्द हो इसका ध्यान रखें, सीएम ने साथ ही निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में जांच लंबित नहीं रहनी चाहिए, उसके लिए एक समय अवधि निर्धारित की गई है, पुलिस महानिदेशक इसकी समीक्षा करेंगे, मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट से जुड़े मामलों का निष्पादन समय सीमा के अंदर हो जाना चाहिए, बैठक में ऑपरेशन भूमि दखल देहानी और अभियान बसेरा पर भी चर्चा की गई, सीएम ने निर्देश दिया कि महादलित वर्ग के अंदर अब सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को शामिल किया गया है, इसे देखते हुए जल्द सर्वे कराया जाए कि किसके पास बांस की जमीन उपलब्ध नहीं है, यह कार्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माध्यम से किया जाएगा, मुख्यमंत्री ने क्रय नीति की भी विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया!

स्पेशल डेस्क,आपकी चौपाल न्यूज़! 

 

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