देश भर में अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस मनाया गया,

देश भर में अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस मनाया गया,

देश भर में मंगलवार अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस (आईबीडी) 2018 मनाया गया। ‘जैव-विविधता पर कार्य के 25 साल का उत्सव’ थीम के तहत अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस समारोह जैव-विविधता की अहमियत और जैव-विविधता को खतरा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का सुअवसर प्रदान करता है। समारोह से सतत विकास में जैव-विविधता का योगदान भी उजागर होता है। यह समारोह जैविक विविधता पर सम्मेलन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित किया गया। राष्ट्रीय स्तर का समारोह हैदराबाद में प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू) सभागार में आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. बी. मीना कुमारी ने कहा कि जैव-विविधता का संरक्षण अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैव-विविधता के संरक्षण की दिशा में हमारी पहल छोटी हो सकती है, लेकिन उसकी अहमियत बड़ी होगी।

यूएनडीपी की निदेशक सुश्री मरीना वाल्टर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में जैव-विविधता के संरक्षण का वैश्विक प्रभाव पड़ेगा और यह खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में केन्द्रीय भूमिका निभाएगा।

इस मौके पर अन्य गणमान्य लोगों सहित डीएसीएफडब्ल्यू में सचिव श्री एस.के. पटनायक, तेलंगाना के मुख्य सचिव श्री एस.के. जोशी, तेलंगाना के विशेष मुख्य सचिव श्री अजय मिश्रा, पीजेटीएसएयू के वाइस चांसलर डॉ. वी. प्रवीण राव, राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. बी. मीना कुमारी और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मरीना वाल्टर भी मौजूद थीं।

अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 2018 का आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण और तेलंगाना राज्य जैव-विविधता बोर्ड के समन्वय से किया गया।

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