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कैप्टन संदीप और डिप्टी कमांडेंट अविनाश ने पूरा किया मिशन एवरेस्ट को फतह करके | Aapki Chopal

कैप्टन संदीप और डिप्टी कमांडेंट अविनाश ने पूरा किया  मिशन एवरेस्ट को फतह करके

कैप्टन संदीप और डिप्टी कमांडेंट अविनाश ने पूरा किया मिशन एवरेस्ट को फतह करके

दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून और हौसला बुलंद हो तो पहाड़ भी झुक जाते हैं, ऐसी ही कुछ कर दिखाय है कैप्टन संदीप मनसुखानी ने, उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट फतह कर ली है, सोलन के इस जवान ने यह मिशन 21 मई को पूरा किया, उन्होंने 8848 मीटर की चढ़ाई को 757 घंटों में पूरा कर हिमाचल का नाम रोशन कर दिया है।
कैप्टन संदीप इसके लिए सालों से मेहनत कर रहे थे, इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2015 में भी एवरेस्ट पर चढ़ाई का प्रयास किया था, लेकिन बर्फीले तूफान की वजह से अभियान बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा था, मौत को बेहद करीब से देखने के बावजूद कैप्टन संदीप का हौसला नहीं टूटा, और वह एवरेस्ट पर चढ़ाई के प्रयास लगातार करते रहे।

खुद को पूरी तरह प्रशिक्षित करने के बाद इस बार उन्होंने तमाम बाधाओं को पार करते हुए, एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहरा दिया, कैप्टन संदीप ने हिमालयन पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान दार्जिलिंग से प्रशिक्षण हासिल किया है, उन्हें प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु के खिताब से भी नवाजा गया था, 42 साल के संदीप आजकल जेट एयरवेज दिल्ली में तैनात हैं।

कैप्टन संदीप की शुरुआती पढ़ाई बिशप कॉटन स्कूल शिमला और सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन से हुई है, कैप्टन संदीप की बहन जयश्री ने बताया, कि कैप्टन संदीप 29 मई को अपने घर सोलन आएंगे, इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया जाएगा,उन्होंने बताया कि कैप्टन संदीप की इस सफलता से युवाओं में जोश भरेगा,  हिमाचल के डिप्टी कमांडेंट अविनाश नेगी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने एवरेस्ट फतह किया है, स्वच्छ हिमालय ग्लेशियर अभियान के तहत बीएसएफ के दल को खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर (रिटायर्ड) ने 20 मार्च को फ्लैग ऑफ किया था, 21 मई को इस टीम ने एवरेस्ट फतह किया।

उसके बाद बेस कैंप में स्वच्छता अभियान चलाया गया, बीएसएफ  माउंट एवरेस्ट टीम का नेतृत्व पद्मश्री लवराज सिंह धर्मसत्तु और दूसरी टीम का डिप्टी कमांडेंट बीएसएफ अविनाश नेगी ने किया, अविनाश नेगी राजधानी शिमला से हैं, 25 पर्वतारोही और सहायक स्टाफ  की टीम में सात हिमाचल के सदस्य हैं।

अविनाश ने बताया कि मिशन एवरेस्ट 2018 भी स्वच्छ हिमालय के स्वच्छ ग्लेशियर अभियान से जुड़ा हुआ है, टीम का उद्देश्य आधार शिविर और शिविर संख्या चार के बीच 1000 किलो से अधिक एकत्र करना रहा, कचरे को उचित निपटान के लिए काठमांडू लाया गया, टीम ने पर्वतारोहण समुदाय और स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।  

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