कैराना का ‘किंग’ कौन?  लोकसभा सीट पर  टिकी सबकी नजरें

कैराना का ‘किंग’ कौन? लोकसभा सीट पर टिकी सबकी नजरें

कैराना: यूं तो आज देशभर के 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम आएंगे, लेकिन सबकीनजरेंउत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा सीट टिकी है, इस सीट के रिजल्ट के जरिए राजनीतिक पंडित 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर आंकलन करेंगे, उत्तर प्रदेश के लिए कैराना लोकसभा सीट राजनीतिक तौर पर अहम है, क्योंकि यह माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में यह रणनीतिक भूमिका निभाएगी, इस लोकसभा सीट पर कल उपचुनाव होना है, इस सीट पर विपक्ष की साझा उम्मीदवार तबस्सुम हसन सत्तारूढ़ बीजेपी की मृगांका सिंह को चुनौती दे रही हैं, राजधानी लखनऊ से करीब 630 किलोमीटर दूर स्थित कैराना लोकसभा सीट के तहत शामली जिले की थानाभवन, कैराना और शामली विधानसभा सीटों के अलावा सहारनपुर जिले की गंगोह और नकुड़ विधानसभा सीटें आती हैं।

क्षेत्र में करीब 17 लाख मतदाता हैं, जिनमें मुस्लिम, जाट और दलितों की संख्या अहम है, आरएलडी के कार्यकर्ता अब्दुल हकीम खान ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा चुनाव नहीं देखा है, जिसमें सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार को विपक्ष का साझा प्रत्याशी टक्कर दे रहा हो, उन्होंने कहा, “यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है।

बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है, बीजेपी ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, वह राष्ट्रीय लोक दल की प्रत्याशी तबस्सुम हसन के खिलाफ मैदान में हैं, तबस्सुम को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का समर्थन है, विपक्ष उम्मीद कर रहा है कि बीजेपी विरोधी वोटों को लामबंदकर वह गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव की कामयाबी को दोहराएगा ,जहां सत्तारूढ़ पार्टी को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा था, लोकदल के उम्मीदवार कंवर हसन के नाम वापस ले ने और आरएलडी में शामिल होने से विपक्ष का आत्मविश्वास बढ़ा है। 

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