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नरेला एसडीएम और लेबर डिपार्टमेंट की टीम ने नरेला इंडस्ट्रियल एरिया से 43 चाइल्ड लेबर को मुक्त कराया । | Aapki Chopal

नरेला एसडीएम और लेबर डिपार्टमेंट की टीम ने नरेला इंडस्ट्रियल एरिया से 43 चाइल्ड लेबर को मुक्त कराया ।

दिल्ली के नरेला SDM और लेबर डिपार्टमेंट की टीम ने नरेला इंडस्ट्रियल एरिया और खेड़ा गांव से 43 छोटे बच्चों को फैक्ट्रियों में काम करते हुए रेस्क्यू करवाया,केमिकल और प्लास्टिक की फैक्ट्रियों में भी छोटे-छोटे बच्चे काम करते हुए पाए गए,इन बच्चों को मेडिकल के लिए शुक्रवार को भेजा गया था और इस बात की पुष्टि की जा रही है कि कोई बच्चा बालिग न हो,इनसे काम करवाने वाले मालिकों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई,

यह तस्वीरें हैं नरेला sdm ऑफिस में बैठे सभी नाबालिग बच्चों की, इन बच्चों को अलग-अलग फैक्ट्रियों और कुछ दुकानों पर काम करते हुए नरेला एसडीएम और चाइल्ड डिपार्टमेंट की टीमों ने मुक्त करवाया है ।

दरअसल SDM नरेला और चाइल्ड डिपार्टमेंट टीम को सूचना मिली थी कि नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में कई प्लास्टिक और केमिकल की फैक्ट्रियों में भी छोटे-छोटे बच्चों से काम करवाया जा रहा है, टीम जब वहां जांच के लिए छापेमारी करने पहुंची तो खुद टीम को लीड कर अधिकारी भी हैरान रह गए क्योंकि कुछ बच्चों की उम्र तो 10 से 11 साल ही थी जो काम करते हुए पाए गए,बच्चे केमिकल और प्लास्टिक की फैक्ट्री में भी काम कर रहे थे ।

बिना किसी सावधानी के काम करते हुए इनके शरीर के अंदरूनी हिस्सों पर कितना नुकसान हुआ होगा, साथ ही बच्चे मेंटली रूप से भी परेशान है,इसके साथ ही कुछ बच्चे खेड़ा गांव की मिठाई की दुकानों पर काम करते हुए बर्तन साफ करते हुए भी पाए गए,इन सभी बच्चों को रेस्क्यू करवा कर नरेला एसडीएम ऑफिस में लाया गया और फिर इनकी मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया और इनकी उम्र की पुष्टि की जा रही है।

यदि कोई बच्चा इनमें बालिग होगा तो उसे उसके काम करने पर छूट दे दी जाएगी, बाकी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपा जाएगा जो बच्चों से बातचीत के बाद उनके परिजनों को सौंप देगी,इन बच्चों को दोबारा पेरेंट्स को सौंपा जाएगा और समय समय पर ये चेक भी किया जाएगा कि परिवार के लोग इन्हें दोबारा काम पर तो नहीं भेज रहे साथ ही उन मालिकों के ऊपर कानूनी कार्रवाई तो होगी ही साथ में बच्चों को भी सहायता राशि दिलाई जाती है और साथ में सरकार की तरफ से भी जो सहायता इस तरह के बच्चों को दिलाई जाती है वह भी कानूनन तरीके से सब दिलाई जाएगी।

फिलहाल इस तरह से देश की राजधानी में भी मासूमों का इतने बड़े स्तर पर काम करते हुए पाया जाना कई सवाल खड़े करता हैं।

स्पेशल डेस्क आपकी चौपाल न्यूज़ दिल्ली ।

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