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68 प्रदर्शनकारी हिरासत में, केंद्रीय मंत्री अल्फोंस ने कहा- भक्त आतंकी नहीं | Aapki Chopal

68 प्रदर्शनकारी हिरासत में, केंद्रीय मंत्री अल्फोंस ने कहा- भक्त आतंकी नहीं

68 प्रदर्शनकारी हिरासत में, केंद्रीय मंत्री अल्फोंस ने कहा- भक्त आतंकी नहीं

  • 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं देना चाहते प्रदर्शनकारी
  • देर रात मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन करने की कोशिश, बंगले से 100 मीटर पहले पुलिस ने रोका
  • लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन तेज हुआ, 5 जिलों में आधी रात को हुईं प्रार्थना सभाएं
  •  केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में प्रदर्शन तेज हो गया है, रविवार देर रात मंदिर परिसर में लागू नियमों का पालन नहीं करने पर 68 भक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया, हालात का जायजा लेने केंद्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स सोमवार सुबह यहां पहुंचे, उन्होंने कहा- इमरजेंसी से बदतर हालात हो गए हैं, भक्तों को अागे नहीं बढ़ने दिया जा रहा, बेवजह धारा 144 लगा दी गई है, भक्त आतंकी नहीं हैं, फिर उन्हें (सरकार को) पंद्रह हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत क्यों है?प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने से हालात और बिगड़ गए, मुख्यमंत्री निवास पर धरना देने जा रहे लोगों को रास्ते में ही रोक दिया गया, कई थानों और आयुक्त कार्यालयों के सामने विरोध जताया गया, राज्य के तिरुवनंतपुरम, आलप्पुषा, एनार्कुलम, पत्तनमत्तिट्टा और कोझीकोड जिलों में प्रदर्शनकारियों में आधी रात को प्रार्थना सभाएं कीं।
  • अयप्पा शरणम’ गाने पर हुई गिरफ्तारी
    इससे पहले पुलिस ने रविवार को सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के पास श्रद्धालुओं को भक्ति गीत ‘अयप्पा शरणम’ गाने पर गिरफ्तार कर लिया था, श्रद्धालुओं ने उनके धार्मिक अधिकारों पर लगाई गई पुलिस की पाबंदियों पर सवाल उठाए, 

    आंदोलन तेज करने की तैयारी 
    मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सबरीमाला कर्म समिति, सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी में है, समिति का आरोप है सुप्रीम कोर्ट ने सभी आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देकर उनके रीति-रिवाज और परंपराओं को नष्ट किया है।

  • 800 साल से जारी प्रथासबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के फैसले के खिलाफ केरल के राजपरिवार और मंदिर के मुख्य पुजारियों समेत कई हिंदू संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया, सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत दी, यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी, प्रथा 800 साल से चली आ रही थी।

    हर साल 5 करोड़ लोग करते हैं दर्शन

    सबरीमाला मंदिर पत्तनमतिट्टा जिले के पेरियार टाइगर रिजर्वक्षेत्र में है, 12वीं सदी के इस मंदिर में भगवान अय्यप्पा की पूजा होती है, मान्यता है कि अय्यपा, भगवान शिव और विष्णु के स्त्री रूप अवतार मोहिनी के पुत्र हैं, दर्शन के लिए हर साल यहां साढ़े चार से पांच करोड़ लोग आते हैं।

 

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