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चुलकाना धाम : नववर्ष पर श्याम बाबा के दर्शन को उमड़ा भक्तों का हुजूम । | Aapki Chopal

चुलकाना धाम : नववर्ष पर श्याम बाबा के दर्शन को उमड़ा भक्तों का हुजूम ।


नववर्ष के स्वागत में श्याम बाबा के दर्शनों को उमड़ी भक्तों की भीड़। हरियाणा में श्याम बाबा के चुलकाना धाम में लगा भक्तों का ताँता। नववर्ष और एकादशी के अवसर पर लाखों भक्तों ने किये श्याम बाबा के दर्शन। पूरे दिन मंदिर परिसर में चला श्याम उत्सव। भक्तजनों ने श्याम भजनों से करी बाबा को रिझाने की कोशिश। इसी जगह श्याम बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण को दिया था अपने शीश का दान।

श्याम बाबा के जयकारों से गूंजते हुए यह पावन भूमि है चुलकाना धाम की। एक तरफ तो जहाँ भक्त शीश के दानी श्याम बाबा को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं वहीँ दूसरी और लम्बी लम्बी कतारों में  हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उत्साहित होकर हारे के सहारे श्याम बाबा के दर्शनों को आतुर नजर आती है। अंग्रेजी नववर्ष 2019 के प्रथम दिन बाबा का भरपूर आशीर्वाद पाने के लिए बाबा के भक्त कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते। नववर्ष की शुरुवात बाबा के दर्शनों से करने के लिए श्याम भक्त सुबह से ही घंटो कतारों में लगे हुए हैं।

श्याम बाबा के भक्तों के लिए हरियाणा के चुलकाना धाम का भी उतना ही महत्व है जितना श्याम बाबा के खाटू धाम का। खाटू धाम में जहाँ श्याम बाबा का शीश विराजमान है वहीँ चुलकाना धाम वो पावन भूमि है जहाँ श्याम बाबा को भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट रूप के दर्शन दिए तथा शीश का दान माँगा था। इसी पावन भूमि पर उस वक़्त बर्बरीक के नाम से जाने जाने वाले श्याम बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने शीश का दान दिया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार बर्बरीक सिर्फ तीन बाणों के सहारे त्रिलोक को जितने का दम रखते थे। महाभारत के वक़्त अपनी माता को हारे का सहारा बनने का वचन देकर बर्बरीक युद्ध में भाग लेने के लिए वहां पहुंचे थे। श्रीकृष्ण जानते थे की बर्बरीक सिर्फ एक बाण से ही युद्ध के परिणाम को बदल देगा इसी लिए खुद भगवान ने याचक बनकर बर्बरीक से शीश का दान मांग लिया। तभी से बर्बरीक को श्रीकृष्ण ने कलयुग के अवतारी श्याम बाबा के रूप में अवतरित होने का वरदान दिया। चुलकाना धाम ही वो पावन जगह है जहाँ बाबा ने शीश का दान भगवान श्रीकृष्ण को दिया था। श्याम बाबा का शीश जहाँ खाटूधाम में सिथत है वहीँ बाबा का धड़ चुलकाना धाम में माना जाता है।

श्रीकृष्ण के ही दूसरे रूप के नाम से प्रसिद्ध हारे के सहारे श्याम बाबा के चमत्कारों पर भक्तों का अटूट विश्वास है। भक्तों का मानना है कि जो सब जगहों से निराश हो चूका हो वो भी अगर बाबा श्याम की शरण में आये तो उसके भी वारे न्यारे होने में देर नहीं लगती।  भक्तों का मानना है की बाबा अपने किसी भक्त को कभी निराश नहीं करता।

स्पेशल डेस्क आपकी चौपाल न्यूज़ चुलकाना धाम

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