Web
Analytics
भारतीय विज्ञान कांग्रेस का 106वां अधिवेशन संपन्न | Aapki Chopal

भारतीय विज्ञान कांग्रेस का 106वां अधिवेशन संपन्न

भारतीय विज्ञान कांग्रेस का 106वां अधिवेशन संपन्न


भारतीय विज्ञान कांग्रेस का 106 वां सत्र सोमवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर में संपन्न हुआ, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्धन की उपस्थिति में 3 जनवरी, 2018 को पांच दिवसीय सत्र का उद्घाटन किया था, भारतीय विज्ञान कांग्रेस के एक हिस्से के रूप में, महिला विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया था, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कपड़ा और उद्योग मंत्री  श्रीमती स्मृति ईरानी ने और समापन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने किया था, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने विज्ञान संचारकों की बैठक का उद्घाटन किया था, चिल्ड्रन्स साइंस कांग्रेस का उद्घाटन इज़राइल के नोबेल पुरस्कार विजेता अव्रमहर्शको और संयुक्त राज्य अमेरिका के एफ. डंकन एम. हलडाने  द्वारा किया गया था।
पांच दिनों के दौरान, तीन नोबेल पुरस्कार विजेताओं के महत्वपूर्ण व्याख्यान के साथ-साथ डीआरडीओ, इसरो, डीएसटी, आईसीएआर, सीएसआईआर, आईसीएमआर, एआईसीटीई, एनएएसी, यूजीसी, आईएससीए, अमेरिका, यूके के विश्वविद्यालयों के शीर्ष अधिकारियों के साथ 20 पूर्ण सत्र और कई संगोष्ठी में 30,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस वैज्ञानिक सम्मेलन में पंद्रह हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ भी आयोजित की गई, जिसमें डीआरडीओ, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, सीएसआईआर, आईसीएआर, आईसीएमआर, एनपीसीआईएल और विभिन्न वैज्ञानिक विभागों और विश्वविद्यालयों सहित 150 संगठनों ने भाग लिया, आकाश मिसाइलों, ब्रह्मोस मिसाइलों, जीएसएलवी-एमके III, एस्ट्रोसैट उपग्रह, इनसैट -4 ए, आईआरएनएसएस उपग्रह की प्रतिकृतियां इस प्रदर्शनी की प्रमुख आकर्षण थीं।
प्रवेश द्वार पर स्थापित 55 फीट ऊंचा, 25 टन वजन का ‘मेटल मैग्ना’ नामक रोबोट मुख्य आकर्षण था, एक विशाल माइक्रोस्कोप और एक ट्रेनर विमान भी दर्शाया गया।
भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा तैयार की गई एक सौर-ऊर्जा चालित चालक रहित बस का भी शुभारंभ किया गया था। आज की तकनीक और भारत की वैज्ञानिक प्रगति का प्रतिनिधित्व करने वाली वस्तुओं के साथ एक टाइम कैप्सूल को जमीन के नीचे गाड़ दिया गया था जिसे 100 वर्षों के बाद खोला जायेगा।
कार्यक्रम के समापन भाषण में भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन 2019 के जनरल प्रेसिडेंट, डॉ मनोज कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 106 वें अधिवेशन ने दुनिया भर से आए वैज्ञानिकों के बीच विचारों और नवाचारों का आदान-प्रदान करने के लिए सबसे अच्छा मंच उपलब्ध कराया। उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों के अमूल्य योगदान, भारतीय विज्ञान कांग्रेस-2019 के विभिन्न कार्यक्रमों, विशेषकर पंजाब के लोगों के वैज्ञानिक स्वभाव की भी सराहना की, जिन्होंने इस कार्यक्रम में काफी संख्या में भाग लिया।

COMMENTS

error: Content is protected !!