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एम्स में हार्ट के मरीजों के लिए “बाइक एंबुलेंस” की लॉन्च

दिल्ली: एम्स ने हार्ट के मरीजों के लिए बाइक ऐंबुलेंस  की लॉन्च,जिसे ‘फर्स्ट रेस्पांडर’ बाइक नाम दिया गया है,पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की गई है, इसका मकसद एम्स के तीन किलोमीटर के दायरे में हार्ट के मरीजों के लिए कम से कम समय में इलाज उपलब्ध कराना है, गुरुवार को एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डीजी डॉक्टर बलराम भार्गव ने बाइक ऐंबुलेंस को लॉन्च किया।
आईसीएमआर ने अपने इस अभियान को मिशन दिल्ली प्रॉजेक्ट का नाम दिया है,आईसीएमआर के डीजी डॉक्टर बलराम भार्गव ने बताया कि देश के अन्य हिस्सों में भी हार्ट के मरीजों को अटैक के बाद तुरंत मदद पहुंचाने के लिए बाइक ऐंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी, फिलहाल इसे एम्स में शुरू किया गया है, इस प्रोजेक्ट पर लगभग 5 करोड़ खर्च हुए हैं,पायलट प्रॉजेक्ट तीन साल चलेगा और सफल होने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। 
इस प्रॉजेक्ट की चीफ डॉक्टर चांदनी के अनुसार इन सभी ऐंबुलेंसों में मरीज को हार्ट अटैक के बाद शॉक देने वाली पोर्टेबल एडीआर मशीनें लगाई गई हैं,इससे मरीज को शॉक देकर हार्ट रेट वापस लाने में मदद की जा सकती है,इसके अलावा ऑक्सिजन की सुविधा भी है,बाइक में मरीजों को दिए जाने वाले जरूरी इंजेक्शन और अन्य दवाएं भी उपलब्ध होंगी,बाइक ऐंबुलेंस में पोर्टेबल ईसीजी मशीन और आधा दर्जन से अधिक अन्य उपकरण भी है।
डॉक्टर का कहना है कि एम्स से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित किसी भी इमर्जेंसी में यह तुरंत पहुंच जाएंगी,एम्स में इन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है,कंट्रोल रूम में मौजूद डॉक्टरों की टीम हमेशा तैनात रहेगी, मरीज के पास पहुंचते ही हर पल की जानकारी या जरूरी मदद के लिए एम्स को सूचित कर दिया जाएगा,मरीज को स्थिर करने के बाद या जरूरी मदद पहुंचाने के बाद उन्हें एम्स ले जाया जाएगा,इस बाइक ऐंबुलेंस को चलाने वाले लोगों को सभी मशीनों को चलाने और मरीज की मदद करने का प्रशिक्षण दिया गया है,4 बाइक ऐंबुलेंस के लिए 12 लोगों को भर्ती किया गया है,हर ऐंबुलेंस पर 2 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात होंगे,बहराल अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बाइक ऐंबुलेंस प्रोजेक्ट कितना सफल होता हैं।

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